वन महोत्सव के उपलक्ष्य पर

वन में वृक्षों का वास रहने दे!
झील झरनों में साँस रहने दे!

वृक्ष होते हैं वस्त्र जंगल के
छीन मत ये लिबास रहने दे!
वृक्ष पर घोंसला है चिडि़या का
तोड़ मत ये निवास रहने दे!

पेड़-पौधे चिराग हैं वन के
वन में बाक़ी उजास रहने दे!

वन विलक्षण विधा है कुदरत की
इस अमानत को खास रहने दे!

( कक्षा 5 के छात्र द्वारा गाया गया)

We were blessed to have with us Katie Bagli, an author and a nature lover, who celebrated this wonderful festival with us.